
मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय द्वारा MISA और पूर्व DMK सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोपों का जिक्र करने के बाद विधानसभा में भारी हंगामा हुआ और DMK विधायकों को बाहर निकाल दिया गया।
मुख्यमंत्री ने ED दस्तावेजों का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि पूर्व सरकार के दौरान ठेकेदारों से 7.5 से 10 प्रतिशत तक 'पार्टी फंड' के रूप में वसूला जाता था।
स्पीकर JCD प्रभाकर ने DMK की रिकॉर्ड से बयान हटाने की मांग को खारिज करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने केवल सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध जानकारी का ही उल्लेख किया है।