बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान ने स्पष्ट किया है कि जब तक भारत शेख हसीना को वापस नहीं भेजता, तब तक वह भारत का दौरा नहीं करेंगे।
शेख हसीना 2024 के छात्र आंदोलन के बाद से भारत में शरण लिए हुए हैं, जबकि बांग्लादेश सरकार उन पर मानवता के खिलाफ अपराधों का आरोप लगा रही है।
भारत ने तारिक रहमान को नई दिल्ली में होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए आमंत्रित किया है, लेकिन बांग्लादेश ने इसे द्विपक्षीय संबंधों के लिए एक शर्त बना दिया है।