
गुजरात में बिजली की भारी मांग के कारण औद्योगिक क्षेत्रों में आठ घंटे की कटौती की जा रही है, जिससे उत्पादन और सप्लाई पर असर पड़ा है।
बिजली संकट से कपड़ा उद्योग को हर हफ्ते 300 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है, जो दिवाली से पहले ऑर्डर पूरा करने में बाधा बन रहा है।
राज्य में 16 अक्टूबर को बिजली की मांग 29,822 मेगावाट के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई थी, जिससे उद्योग जगत के 25 लाख कर्मचारियों की रोजी-रोटी संकट में है।