
दिल्ली पुलिस ने 17 सितंबर 2026 को AIMPLB के जंतर-मंतर धरने की अनुमति आखिरी वक्त पर रद्द कर दी, जिसके बाद 29 सितंबर को MCIM के प्रदर्शन के दौरान नेताओं को हिरासत में ले लिया गया।
AIMPLB के 'संविधान बचाओ-शरिया बचाओ' अभियान की शुरुआत प्रेस क्लब से हुई, जबकि बोर्ड के अंदर 'ऊंची जाति के मुसलमानों' के दबदबे और आंतरिक खींचतान पर भी सवाल उठ रहे हैं।
23 सितंबर 2026 को 92 मुस्लिम बुद्धिजीवियों और कार्यकर्ताओं ने साझा बयान जारी कर AIMPLB के इस अभियान का पुरजोर विरोध किया।