7 अगस्त को मक्का में सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्की के बीच हुए रक्षा समझौते को इजरायली विशेषज्ञ शे गैल ने भारत के लिए एक नई चुनौती बताया है।
समझौते के तहत किसी एक देश पर हमला तीनों पर हमला माना जाएगा, जिससे भविष्य के भारत-पाक संघर्ष में सऊदी अरब की भूमिका और IMEC गलियारे की स्थिरता पर सवाल उठ रहे हैं।
विशेषज्ञ का मानना है कि भारत को अब अपनी सुरक्षा रणनीति में सऊदी अरब के साथ पाकिस्तान के बढ़ते सैन्य जुड़ाव को ध्यान में रखते हुए नए सिरे से विचार करना होगा।