
सोशल मीडिया पर 1980 के दशक के रेट्रो एआई फोटो ट्रेंड के कारण डेटा सेंटर्स पर भारी बिजली और पानी का लोड बढ़ रहा है।
यूएन यूनिवर्सिटी के आकलन के अनुसार, एक सिंगल एआई इमेज बनाने में लगभग 29 मिलीलीटर पानी और करीब एक से अधिक वॉट-घंटे बिजली खर्च होती है।
विशेषज्ञों का अनुमान है कि 2030 तक एआई डेटा सेंटर्स की बिजली खपत 950 TWh तक पहुंच सकती है जो वैश्विक मांग का करीब 3% होगी।