
पाकिस्तान में सुरक्षाबलों को लगातार बगावत का सामना करना पड़ रहा है, जिसके चलते पिछले 8 महीनों में 957 सुरक्षाकर्मी शहीद हो चुके हैं।
आंकड़ों के अनुसार, पाकिस्तान में हर महीने औसतन 120 सुरक्षाकर्मियों की जान जा रही है, जो सेना प्रमुख आसिम मुनीर के लिए बड़ी चुनौती बन गई है।
पाकिस्तान सरकार पश्चिम एशिया युद्ध में मध्यस्थता की कोशिशों में जुटी है, जबकि देश के भीतर उसे कई मोर्चों पर आंतरिक सुरक्षा संकट का सामना करना पड़ रहा है।