डॉ. सुशील कालरा के अनुसार, प्राइमरी हेल्थकेयर में 30 से 41 फीसदी मरीज खांसी के साथ आते हैं, जिसे सिर्फ वायरल मानकर नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है।
अगर खांसी तीन हफ्ते से ज्यादा बनी रहे, या उसके साथ खून आना, वजन कम होना और रात में पसीना आने जैसे लक्षण दिखें, तो यह टीबी या कैंसर का संकेत हो सकता है।
डॉक्टर ने सलाह दी है कि बिना जांच के एंटीबायोटिक्स का सेवन न करें और लगातार खांसी होने पर चेस्ट एक्स-रे या पल्मोनरी फंक्शन टेस्ट जरूर करवाएं।