
द लैंसेट के हालिया अध्ययन के मुताबिक भारत में साल 2023 में 3 लाख से अधिक लोगों की मौत की वजह सेकंडहैंड स्मोकिंग थी।
यह समस्या बच्चों, महिलाओं और दिल के मरीजों के लिए सबसे बड़ा खतरा है और भारत इस मामले में चीन के बाद दुनिया में दूसरे नंबर पर है।
विशेषज्ञों का सुझाव है कि पैसिव स्मोकिंग से बचने के लिए घरों को स्मोक-फ्री जोन बनाना चाहिए और सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान करने वालों से दूरी रखनी चाहिए।