तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी ने एक टीवी इंटरव्यू में स्पष्ट किया कि उन्हें 'वंदे मातरम' और 'भारत माता की जय' बोलने में कोई आपत्ति नहीं है और यह देश के प्रति सम्मान का प्रतीक है।
शमी ने कहा कि सरकार द्वारा लागू किए गए नियमों का पालन करना हर नागरिक का कर्तव्य है और इन नारों को बोलने से उनके धर्म या ईमान पर कोई फर्क नहीं पड़ता।
आलोचकों और कट्टरपंथियों के डर के सवाल पर शमी ने कहा कि उन्हें किसी का डर नहीं है और वे केवल अपने सिद्धांतों के प्रति जवाबदेह रहने में विश्वास रखते हैं।