
त्वचा पर फफोले और जलन पैदा करने वाला शिंगल्स संक्रमण केवल त्वचा तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इसके बाद स्ट्रोक और हृदय संबंधी घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है।
यह संक्रमण वैरिसेला-जोस्टर वायरस के कारण होता है जो चिकनपॉक्स ठीक होने के बाद नर्व सेल्स में निष्क्रिय रहता है और कमजोर इम्युनिटी पर दोबारा सक्रिय होता है।
भारत में इस गंभीर समस्या से बचाव का सबसे मुख्य और असरदार तरीका टीकाकरण करवाना है जो वायरस को दोबारा सक्रिय होने से रोकता है।