
दिल्ली की एक महिला द्वारा इनकम टैक्स विभाग के नोटिसों का जवाब न देने के कारण आयकर आयुक्त (अपील) ने 1.55 करोड़ रुपये की टैक्स मांग को बरकरार रखा था.
असेसमेंट ईयर 2020-21 के दौरान महिला के बैंक खातों में भारी नकद जमा और 74 लाख रुपये की प्रॉपर्टी खरीद का स्रोत स्पष्ट न होने पर विभाग ने यह कार्रवाई की थी.
मामले की सुनवाई करते हुए इनकम टैक्स अपीलेट ट्रिब्यूनल ने अपील खारिज करने का आदेश रद्द कर दिया और मामले को दोबारा सुनवाई के लिए वापस भेज दिया है।