
शरीर में लंबे समय तक बिना कारण हल्की सूजन बने रहने की स्थिति को क्रोनिक इंफ्लेमेशन कहा जाता है।
इम्पीरियल कॉलेज लंदन की सितंबर 2026 की स्टडी के मुताबिक इससे हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा 43% तक बढ़ जाता है।
लगातार सूजन दिल की दीवारों को मोटा करने और ब्लड सर्कुलेशन को प्रभावित करने के साथ डायबिटीज का जोखिम भी बढ़ाती है।