
ईरान के साथ जारी संघर्ष के कारण अमेरिका के मिसाइल और एयर-डिफेंस इंटरसेप्टर का स्टॉक गंभीर रूप से कम हो गया है, जिससे अमेरिकी सैन्य ताकत पर दबाव बढ़ गया है।
मिडिल ईस्ट में इन हथियारों के भारी इस्तेमाल से वाशिंगटन में चिंता है कि क्या अमेरिका अब चीन और रूस जैसे देशों से संभावित खतरों का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार है।
यह सैन्य दुविधा मिडिल ईस्ट से बाहर तक फैल रही है, क्योंकि अमेरिका को अपनी वैश्विक सुरक्षा प्राथमिकताओं और सीमित रक्षा संसाधनों के बीच संतुलन बनाने की चुनौती का सामना करना पड़ रहा है।