अमेरिकी सीनेट ने रूस से कच्चा तेल खरीदने वाले 5 देशों, जिनमें भारत भी शामिल है, पर 100% टैरिफ लगाने वाला एक कड़ा बिल 86-11 के बहुमत से पारित किया है।
यह कानून उन देशों को लक्षित करता है जो रूस के साथ ऊर्जा व्यापार जारी रखे हुए हैं, जिससे वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला और भारत-अमेरिका व्यापारिक संबंधों पर सीधा असर पड़ सकता है।
अगला कदम इस बिल को हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में भेजना है, जहां इसके पारित होने पर भारत को अपनी ऊर्जा आयात नीति और कूटनीतिक संबंधों पर पुनर्विचार करना पड़ सकता है।