
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, सूर्यास्त के बाद शंख बजाना अशुभ माना जाता है क्योंकि रात के समय देवता विश्राम करते हैं और शंखनाद से उनके विश्राम में बाधा उत्पन्न होती है।
शंख को ब्रह्मांडीय ऊर्जा और सकारात्मकता का प्रतीक माना जाता है, जिसे सुबह की पूजा के दौरान बजाना अत्यंत शुभ और आध्यात्मिक रूप से लाभकारी होता है।
ज्योतिषी आनंद सागर पाठक के अनुसार, शंख की ध्वनि दैवीय स्पंदन पैदा करती है, इसलिए इसे बजाने के लिए सही समय और वैदिक नियमों का पालन करना आवश्यक है।