एक हालिया अध्ययन में 29.4 लाख लोगों के हेल्थ रिकॉर्ड का विश्लेषण करने पर पाया गया कि एंडोमेट्रियोसिस से पीड़ित महिलाओं में टाइप 2 डायबिटीज का जोखिम 46 फीसदी अधिक है।
विशेष रूप से प्रीमेनोपॉज वाली महिलाओं और 30 से कम BMI वाली महिलाओं में डायबिटीज का खतरा अधिक देखा गया है, जो मेटाबॉलिक स्वास्थ्य की निगरानी की आवश्यकता को दर्शाता है।
शोधकर्ताओं का कहना है कि एंडोमेट्रियोसिस का इलाज करने से डायबिटीज का जोखिम कम होने का कोई प्रमाण नहीं है, इसलिए दोनों स्थितियों के लिए अलग-अलग मेडिकल असेसमेंट जरूरी है।