
गुरुग्राम में बारिश के बाद होने वाले जलभराव का मुख्य कारण अरावली की प्राकृतिक ढलान और तेजी से हुआ कंक्रीटीकरण है, जिससे पानी जमीन में नहीं समा पाता।
शहरीकरण के कारण प्राकृतिक जल निकासी मार्ग अवरुद्ध हो गए हैं, जिसके चलते पहाड़ों से उतरता पानी शहर की सड़कों पर सैलाब का रूप ले लेता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस समस्या का स्थायी समाधान चेकडैम और पुराने तालाबों का पुनरुद्धार करना है ताकि जल निकासी तंत्र को फिर से मजबूत किया जा सके।