सुप्रीम कोर्ट ने BCCI और राज्य क्रिकेट संघों को नोटिस जारी कर पूछा है कि उन्हें 'नेशनल स्पोर्ट्स गवर्नेंस एक्ट, 2025' के दायरे में क्यों नहीं लाया जाना चाहिए।
CJI सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ 2014 से लंबित क्रिकेट सुधारों और पदाधिकारियों की सेवा शर्तों पर सुनवाई कर रही है, जिसमें लोढ़ा समिति की सिफारिशें भी शामिल हैं।
यदि यह कानून लागू होता है, तो बीसीसीआई के पदाधिकारियों के कार्यकाल, चुनाव प्रक्रिया और प्रशासनिक नियमों में बड़े बदलाव हो सकते हैं, जो 2022 के संविधान संशोधन से अलग होंगे।