
AIMIM नेता वारिस पठान ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर गंभीर सवाल उठाते हुए उनके इस्तीफे की मांग की और कहा कि 13 करोड़ लोगों के नाम गायब करना लोकतंत्र पर सीधा हमला है।
पठान ने अखबार की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि चुनाव आयोग के दो अन्य इलेक्शन कमिश्नर ने 10 महीने में 14 बार आपत्ति जताई थी, लेकिन किसी ने संज्ञान नहीं लिया।
उन्होंने केंद्र सरकार पर चुनाव आयोग जैसी संस्था को अपनी जेब में रखने और भाजपा प्रवक्ताओं द्वारा सीईसी का बचाव करने का कड़ा आरोप लगाया।