रूस और चीन के बीच द्विपक्षीय व्यापार पिछले तीन दशकों में 50 गुना बढ़कर 200 बिलियन डॉलर के पार पहुंच गया है, जबकि भारत-रूस व्यापार 70 बिलियन डॉलर पर है।
रूस चीन का सबसे बड़ा तेल सप्लायर है, जिसकी चीन के कुल तेल आयात में 23% हिस्सेदारी है, जिससे बीजिंग को 27 बिलियन डॉलर से अधिक का आर्थिक लाभ हुआ है।
भारत और रूस ने 2030 तक अपने द्विपक्षीय व्यापार को 100 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है, जिसमें 96% लेन-देन अब बिना अमेरिकी डॉलर के हो रहा है।