भारत में एआई (AI) डाटा सेंटर्स की संख्या बढ़ने से पानी की खपत में भारी वृद्धि हुई है, जो वर्तमान में 150 अरब लीटर सालाना तक पहुंच गई है।
विशेषज्ञों का अनुमान है कि डिजिटल बुनियादी ढांचे के विस्तार के साथ यह खपत जल्द ही दोगुनी हो सकती है, जो पर्यावरण के लिए एक चुनौती है।
डाटा सेंटर्स को ठंडा रखने के लिए उपयोग होने वाले पानी के प्रबंधन के लिए अब कंपनियों को अधिक टिकाऊ और पर्यावरण-अनुकूल तकनीकों को अपनाने की आवश्यकता है।