ISRO के नौ कर्मचारी संगठनों ने एजेंसी के निजीकरण की खबरों पर स्पष्टीकरण मांगा है, जिससे कर्मचारियों में भविष्य को लेकर चिंता बढ़ गई है।
यूनियनों ने इसरो प्रमुख से 2035-40 के महाप्लान और रॉकेट निर्माण में निजी क्षेत्र की भूमिका पर विस्तृत जानकारी देने का आग्रह किया है।
इसरो प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि एजेंसी का महत्व कम नहीं होगा और निजीकरण की अटकलें निराधार हैं, क्योंकि मुख्य मिशन सरकारी नियंत्रण में रहेंगे।