
भारतीय रिजर्व बैंक ने अक्टूबर 2026 की मौद्रिक नीति बैठक में महंगाई और मिडिल ईस्ट तनाव के बीच रेपो रेट में 0.25 प्रतिशत की बढ़ोतरी की है।
आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने संकेत दिए हैं कि फिलहाल ब्याज दरों में कटौती की कोई संभावना नहीं है जिससे आने वाले समय में दरें घटने की उम्मीद कम है।
ब्याज दरों के उच्च स्तर पर बने रहने के कारण सुरक्षित और निश्चित रिटर्न चाहने वाले निवेशकों के लिए फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) में निवेश करना एक आकर्षक विकल्प बन गया है।