एनसीएईआर की रिपोर्ट में बिहार में 10 साल बाद भी शराबबंदी को विफल बताते हुए इसे खत्म करने की सिफारिश की गई है, जिस पर जदयू ने कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है।
जदयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने आरोप लगाया कि एनसीएईआर के गवर्निंग बोर्ड में शराब और सिगरेट कंपनियों से जुड़े लोग शामिल हैं, जिससे रिपोर्ट की निष्पक्षता संदिग्ध है।
जदयू ने दावा किया कि यह रिपोर्ट शराब कंपनियों के हित में तैयार की गई है और बिहार को फिर से शराब की कुरीति में धकेलने की साजिश है।