
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि मलेरिया के शुरुआती लक्षणों जैसे तेज बुखार और कंपकंपी को बिल्कुल भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
मलेरिया का संदेह होने पर तुरंत रक्त जांच करानी चाहिए और रिपोर्ट आने तक डॉक्टर की देखरेख में उपचार शुरू करना अनिवार्य है।
देरी होने पर यह संक्रमण गंभीर रूप ले सकता है, इसलिए समय पर अस्पताल पहुंचना ही बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है।