
डर्मेटोलॉजिस्ट डॉ. शिल्पी खेत्रपाल के अनुसार दिन में एक बार नहाना साफ-सफाई के लिए पर्याप्त है, लेकिन हर दिन पूरे शरीर पर साबुन रगड़ना जरूरी नहीं होता है.
चेहरे, बगल और प्राइवेट पार्ट्स जैसे संवेदनशील हिस्सों की नियमित सफाई जरूरी है, जबकि अत्यधिक साबुन के इस्तेमाल से त्वचा की प्राकृतिक नमी कम हो सकती है.
व्यायाम करने, अधिक पसीना आने या धूल-मिट्टी के संपर्क में आने पर शरीर की अच्छी तरह सफाई करना आवश्यक माना जाता है।