प्रधानमंत्री मोदी द्वारा 15 अगस्त को 'दिमागी नक्सल' शब्द का उपयोग करने के बाद सोशल मीडिया पर 'दिमागी नक्सल पार्टी' का पेज बना, जिसने 48 घंटों में 1.8 लाख फॉलोअर्स हासिल किए।
यह कोई आधिकारिक दल नहीं बल्कि एक डिजिटल पहल है, जो खुद को भगत सिंह की विचारधारा का अनुयायी बताती है और कुणाल कामरा व ध्रुव राठी जैसी हस्तियों का समर्थन प्राप्त है।
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने स्पष्ट किया कि पीएम का बयान विपक्ष के लिए नहीं, बल्कि माओवादियों और अलगाववादियों का समर्थन करने वालों के लिए था, जबकि विपक्ष ने इसे हताशा बताया है।