
पतली कमर और कर्वी फिगर की चाह में महिलाएं रिब मॉडलिंग सर्जरी करवा रही हैं, जिसमें निचली पसलियों को जानबूझकर फ्रैक्चर या कमजोर करके अंदर की ओर री-पोजिशन किया जाता है.
एक अध्ययन के अनुसार, तीन महीने बाद कमर में औसतन करीब 8.6 सेंटीमीटर की कमी देखी गई, लेकिन लंबे समय तक के परिणामों पर पर्याप्त जानकारी नहीं है.
सर्जरी में हड्डी के ठीक से न जुड़ने, असमानता और फेफड़े के सिकुड़ने (न्यूमोथोरैक्स) जैसे जोखिम हो सकते हैं.