
घर की वाटरप्रूफिंग की जांच साल में कम से कम एक बार जरूर करनी चाहिए ताकि समय रहते सीलन और पानी टपकने की समस्या से बचा जा सके।
छत पर लंबे समय तक पानी का जमा होना, उखड़ी हुई परत या बारिश के पानी की निकासी वाली नालियों का बंद होना वाटरप्रूफिंग के कमजोर होने का संकेत है।
बाहरी दीवारों पर बारीक दरारें, उखड़ा हुआ पेंट या सफेद पाउडर जैसे निशान नमी के अंदर जाने और सुरक्षा परत खराब होने की ओर इशारा करते हैं।