
एक नए अध्ययन के अनुसार हवा में PM2.5 प्रदूषित कणों का स्तर बढ़ने पर अगले 21 दिनों तक किसी भी कारण से अस्पताल में भर्ती होने का जोखिम औसतन 8 प्रतिशत बढ़ जाता है।
शोधकर्ताओं ने छह देशों (ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, कनाडा, चिली, न्यूजीलैंड और ताइवान) के वर्ष 2000 से 2019 के बीच के लगभग 34.65 करोड़ रिकॉर्ड्स का विश्लेषण किया।
विश्लेषण में यह भी पाया गया कि PM2.5 में बढ़ोतरी से कैंसर के मामलों में 10.8%, मानसिक स्वास्थ्य में 10% और सांस संबंधी बीमारियों में 6.7% तक जोखिम बढ़ सकता है।