
तमिलनाडु सरकार ने घटती जन्म दर और बढ़ती बुजुर्ग आबादी को देखते हुए जिला स्तर के सरकारी अस्पतालों में इनफर्टिलिटी ट्रीटमेंट और गर्भधारण पूर्व सलाह देने की योजना बनाई है।
राजकीय आंकड़ों के मुताबिक राज्य में जन्म लेने वाले बच्चों की संख्या 2020 के 9.39 लाख से घटकर 2025 में लगभग 8.02 लाख रह गई है।
स्वास्थ्य विभाग का मुख्य उद्देश्य बच्चा चाहने वाले जरूरतमंद दंपतियों को सही चिकित्सा सलाह और इलाज उपलब्ध कराना है।