सुप्रीम कोर्ट ने पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर किसी भी दंडात्मक कार्रवाई पर रोक लगा दी है और हिरासत में लिए गए नाबालिगों को रिहा करने का आदेश दिया है।
चीफ जस्टिस सूर्यकांत की बेंच ने स्पष्ट किया कि यह सुरक्षा आपराधिक रिकॉर्ड वाले लोगों को नहीं मिलेगी, जबकि बिहार में हिरासत में लिए गए करीब 150 लोगों में ज्यादातर 13 साल तक के नाबालिग हैं।
अदालत ने हिंसा की जांच के लिए एक हाई-पावर कमेटी बनाने का प्रस्ताव रखा है और पुलिस को प्रदर्शनों से जुड़ी सभी सीसीटीवी फुटेज और डिजिटल डेटा सुरक्षित रखने का निर्देश दिया है।