अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तान को ईरान के साथ होने वाली राजनयिक वार्ता की मध्यस्थता सूची से बाहर कर दिया है।
इस फैसले से शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख मुनीर की सरकार को बड़ा झटका लगा है, जो इस डील के जरिए वैश्विक मंच पर अपनी छवि सुधारना चाहते थे।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम पाकिस्तान की घटती कूटनीतिक प्रासंगिकता और अमेरिका के बदलते रुख को दर्शाता है।