
तुर्किये के राष्ट्रपति रेचेप तैयप एर्दोगन ने संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के मंच से एक बार फिर कश्मीर का मुद्दा उठाते हुए दक्षिण एशिया के सभी विवादों को बातचीत से हल करने की बात कही है।
विदेश मामलों के जानकारों के अनुसार इसके पीछे पाकिस्तान के साथ गहरे सैन्य व रक्षा संबंध, 'नव-उस्मानीवाद' के तहत मुस्लिम दुनिया का नेतृत्व करने की महत्वकांक्षा और घरेलू राजनीति मुख्य वजहें हैं।
भारत ने इस पर हमेशा की तरह कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया है कि जम्मू-कश्मीर उसका अभिन्न अंग है और यह पूरी तरह से एक द्विपक्षीय मामला है।