पाकिस्तान के कराची और रावलपिंडी एयरबेस पर 60 घंटों तक चीनी और तुर्की के सैन्य विमानों की असामान्य आवाजाही देखी गई है, जो मिस्र के लिए रवाना हुए।
इन विमानों में चीन के कम से कम छह J-16 फाइटर, एक KJ-500 एयरबोर्न अर्ली-वार्निंग और Y-20 ट्रांसपोर्ट विमान शामिल थे, जो 'ईगल्स ऑफ सिविलाइजेशन 2026' अभ्यास में भाग लेंगे।
रक्षा विशेषज्ञों का दावा है कि इस बड़े एयरलिफ्ट के जरिए चीन और तुर्की पाकिस्तान को आधुनिक सर्विलांस ड्रोन और उन्नत रक्षा तकनीक की गुप्त डिलीवरी कर रहे हैं।