सरकारी आंकड़ों के अनुसार, भारत में 2025 में 1,52,023 चिकनगुनिया के संदिग्ध मामले दर्ज किए गए, जिनमें कर्नाटक, महाराष्ट्र, गुजरात, उत्तर प्रदेश और तेलंगाना सबसे अधिक प्रभावित हैं।
संक्रमण का मुख्य वाहक एडीज एजिप्टी मच्छर है, लेकिन एडीज एल्बोपिक्टस भी घने वनों वाले क्षेत्रों में गंभीर खतरा पैदा कर रहा है।
स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, चिकनगुनिया का प्रकोप आमतौर पर दक्षिण-पश्चिम मानसून के दौरान अगस्त से अक्टूबर के बीच चरम पर पहुंचता है।