
एम्स के माइक्रोबायोलॉजी विभाग के अध्ययन के अनुसार, जलवायु परिवर्तन के कारण डेंगू और चिकनगुनिया जैसे वायरल हेमरेजिक फीवर का प्रसार हिमालयी क्षेत्रों तक हो गया है।
काठमांडू में 2019 और 2022 के बीच डेंगू के सैकड़ों मामले दर्ज किए गए, जो यह साबित करता है कि मच्छरों का प्रजनन काल अब ऊंचाई वाले ठंडे इलाकों में भी बढ़ रहा है।
डॉ. अरूप मोहंती के नेतृत्व में हुए इस शोध में भविष्य की महामारियों को रोकने के लिए मजबूत निगरानी प्रणाली और जलवायु-अनुकूल सार्वजनिक स्वास्थ्य रणनीतियों पर जोर दिया गया है।