मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने देवरिया में जनसभा के दौरान समाजवादी पार्टी को 'प्राइवेट लिमिटेड कंपनी' और 'लूटखसोट का पर्याय' बताते हुए अखिलेश यादव पर तीखे हमले किए।
योगी ने आरोप लगाया कि लखनऊ के JPNIC प्रोजेक्ट की लागत सपा सरकार में 200 करोड़ से बढ़कर 864 करोड़ रुपये हो गई थी, जो जनता के धन की बर्बादी थी।
सीएम ने अखिलेश यादव, डिंपल यादव और धर्मेंद्र यादव पर निजी कंपनी बनाकर सरकारी खजाने को लूटने की कोशिश करने का आरोप लगाते हुए उनसे जनता से माफी मांगने की मांग की।