
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने निफ्टी-50 इंडेक्स की समीक्षा के बाद 30 सितंबर से विप्रो को बाहर करने और बीएसई लिमिटेड को शामिल करने का फैसला किया है।
विप्रो का फ्री-फ्लोट मार्केट कैप घटकर 55,930 करोड़ रुपये रह गया है, जबकि बीएसई का मार्केट कैप बढ़कर 1.4 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।
विप्रो पिछले तीन दशकों से निफ्टी-50 का हिस्सा रही है, लेकिन पिछले एक साल में इसके शेयरों में 23 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है।