
नीरज चोपड़ा ने ग्लासगो में कॉमनवेल्थ गेम्स के दौरान 85.83 मीटर के सीजन बेस्ट थ्रो के साथ रजत पदक हासिल किया, जो उनकी चोटों से उबरने के बाद एक बड़ी वापसी है।
श्रीलंका के रुमेश थरंगा पथिरागे ने 89.75 मीटर के थ्रो के साथ स्वर्ण पदक जीता, जबकि नीरज ने पिछले 10 महीनों में एडक्टर मसल और लोअर बैक इंजरी जैसी चुनौतियों का सामना किया है।
नीरज ने अपनी सफलता का श्रेय फिजियो ईशान मरवाहा और कोच जय चौधरी को दिया है, जिन्होंने उन्हें चोटों के बावजूद ट्रेनिंग जारी रखने और प्रतिस्पर्धा में लौटने में मदद की है।