केंद्र सरकार विवादित विदेशी अंशदान विनियमन संशोधन विधेयक 2026 को संसद में आगे बढ़ाने के बजाय विस्तृत समीक्षा के लिए संयुक्त संसदीय समिति को भेजने पर विचार कर रही है।
25 मार्च 2026 को लोकसभा में पेश इस बिल का डीएमके, एनसीपी और ईसाई संगठनों द्वारा कड़ा विरोध किया जा रहा है, जो धारा 15 को निरस्त करने की मांग कर रहे हैं।
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने गतिरोध खत्म करने के लिए लोकसभा अध्यक्ष से मुलाकात की है, जबकि विपक्ष बिल को पूरी तरह वापस लेने की मांग पर अड़ा है।