
भारतीय रिजर्व बैंक ने साढ़े तीन साल बाद रेपो रेट में 25 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी की है, जिससे नई दर 5.25 से बढ़कर 5.50 फीसदी हो गई है।
ब्याज दरों में इस बढ़ोतरी का फैसला छह में से चार सदस्यों के समर्थन से लिया गया है और केंद्रीय बैंक ने अपना रुख बदलकर 'संतुलित सख्ती' कर लिया है।
रेपो रेट बढ़ने से बैंकों के लिए कर्ज महंगा हो जाएगा, जिससे आम जनता के होम लोन, कार लोन और पर्सनल लोन की मासिक किस्तें बढ़ सकती हैं।