
आध्यात्मिक गुरु सदगुरु ने लिव-इन रिलेशनशिप और विवाह के अंतर को समझाते हुए कहा है कि लिव-इन शादी से बेहतर विकल्प नहीं है।
उनके अनुसार दोनों के बीच सबसे बड़ा अंतर प्रतिबद्धता का होता है, क्योंकि विवाह में वादा और स्थायित्व होता है जो रिश्ते को जिम्मेदारी देता है।
उन्होंने यह भी कहा कि समाज ने परिवार और बच्चों के पालन-पोषण के लिए विवाह जैसी व्यवस्था बनाई है ताकि अस्थिरता से बचा जा सके।