एक नई रिपोर्ट के अनुसार, SAARC देशों में बच्चों के कैंसर के कुल मामलों में से लगभग 70% अकेले भारत में दर्ज किए जा रहे हैं।
यह आंकड़े स्वास्थ्य प्रणाली पर बढ़ते बोझ और बच्चों में कैंसर के शुरुआती लक्षणों की पहचान न हो पाने की गंभीर समस्या को दर्शाते हैं।
विशेषज्ञों ने समय पर जांच और बेहतर उपचार सुविधाओं के विस्तार पर जोर दिया है ताकि इस बढ़ती स्वास्थ्य चुनौती का प्रभावी ढंग से सामना किया जा सके।