
केंद्र सरकार ने राज्यसभा में स्पष्ट किया कि E20 ईंधन से वाहनों के इंजन पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ता है।
1 अप्रैल 2005 से लागू BS-3 मानकों वाली और 2016 से पहले निर्मित कुछ गाड़ियों में रबर के पुर्जे और गैस्केट खराब होने की संभावना है।
सरकार ने स्वीकार किया कि इन पुराने वाहनों के कुछ हिस्सों को समय के साथ बदलने की आवश्यकता पड़ सकती है।