
जेएनयू के पूर्व छात्र उमर खालिद की पीएचडी थीसिस पर आधारित किताब 'फ्रैक्चर्ड कम्युनिटीज' पुणे स्थित केंद्र सरकार की लाइब्रेरी में मिलने के बाद विवाद खड़ा हो गया।
सोशल मीडिया पर आपत्तियों के बाद आईआईएसईआर पुणे लाइब्रेरी ने प्रशासनिक निर्देशों के तहत इस किताब को अपने कलेक्शन से हटा दिया है।
यह किताब 2018 में झारखंड के सिंहभूम क्षेत्र की आदिवासी जनजातियों के इतिहास और ब्रिटिशकालीन प्रशासनिक व्यवस्था पर आधारित है।