
टेक ट्रांसपेरेंसी प्रोजेक्ट (TTP) की रिपोर्ट के अनुसार, मेटा ने फेसबुक और इंस्टाग्राम पर बच्चों के यौन शोषण (CSAM) से जुड़े 332 विज्ञापन चलाए हैं।
इनमें से 84 विज्ञापन भारत में चलाए गए, जिनमें से 78 विज्ञापन भारत सरकार द्वारा मेटा को कंटेंट हटाने के आदेश देने के बाद प्रकाशित किए गए थे।
जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रन ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर सोशल मीडिया कंपनियों के लिए CSAM फैलाने वालों की पहचान और एजेंसियों को रिपोर्ट करना अनिवार्य करने की मांग की है।