माफिया अतीक अहमद के सबसे छोटे बेटे अबान को प्रयागराज में सुपुर्द-ए-खाक किया गया, जिसमें उसके भाई उमर और अली पैरोल पर शामिल हुए।
शाइस्ता परवीन पर अभी भी 50 हजार रुपये का इनाम घोषित है और वह पिछले 3 वर्षों से दर्जनों मामलों में पुलिस की गिरफ्त से बाहर चल रही है।
अबान की मौत के बाद राजनीतिक गलियारों में 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव पर इसके संभावित असर और वोट बैंक की राजनीति पर चर्चा तेज हो गई है।