
डॉ. विशाल छाबड़ा के अनुसार, एंटी-डिप्रेसेंट दवाएं दिमाग में सेरोटोनिन और डोपामाइन का संतुलन ठीक करती हैं, लेकिन इनका सेवन हमेशा डॉक्टर की सलाह पर ही करना चाहिए।
इन दवाओं के सामान्य साइड इफेक्ट्स में वजन बढ़ना, नींद न आना, थकान और पाचन संबंधी समस्याएं शामिल हैं, जो दवा की डोज के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं।
दवा का असर दिखने में आमतौर पर 2 से 4 सप्ताह का समय लगता है, और रिलैप्स के जोखिम को कम करने के लिए मरीज के स्थिर होने के बाद भी कुछ समय तक दवा जारी रखी जाती है।